शुक्रवार, 3 जुलाई 2009

नया भारत......


21 टिप्‍पणियां:

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

क्या बात है!! आज सुबह पेपर पर नज़र डाली तो मुख्य समाचार यही था, तभी आपकी याद आ गई, मालूम था ज़रूर कुछ बेहतरीन मिलेगा..

CARTOON TIMES by-manoj sharma Cartoonist ने कहा…

cartoonist hoon
cartoonist se
pyar karta hoon


Humko tumse
"Anurag" hai
Dil se

ओम आर्य ने कहा…

यह आज की भारत है ...........खैर औरते महफूज हो जायेंगी.........जब आदमी आदमी से प्यार करेगा......क्या बात है..............

Shama ने कहा…

मुझे सिर्फ़ इतनाही कहना है ,कि , गर कुदरत ने इन्हें ऐसा बनाया है ,तो ये गुनाह नही हो सकता ...मेरे ख़याल से , पशुओं में संशोधन हुआ है , जहाँ , इस तरह की "विकृति "पाई जाती है ...हम अधिकसे अधिक इसे विकृति कह सकते हैं ...और कुछ नही ...या तो इनका 'medical science" में कोई उपचार हो, सामने लाया जाय ....लेकिन इस मनोवृत्ती को ,'गुनाह 'के अलावा कुछ भी कहें , ये गुनाह यक़ीनन नही ..बलात्कारी खुले आम घुमते हैं...उन्हें सज़ा मिलना ज़्यादा ज़रूरी है...

मेरे विचार से आज हमारे सामने अन्य कितनेही महत्त्व पूर्ण विषय हैं ...समस्याएँ हैं , जिनसे हमें झूजना है ...जिन्हें प्राथमिकता देनी है ..जैसे , जातीय वाद , आतंकवाद , पर्यावरण का विनाश ..
इससे अधिक कुछ कहने की क़ाबिलियत नही रखती...

Tippanee ke liye mujhe aamantrit kiya, aapkee tahe dil se shukrguzaar hun...!

राज भाटिय़ा ने कहा…

अरे बाप रे, अब अदमियो की "इज्जत" भी लुट सकती है :) राम राम राम

suresh sharma (cartoonist) ने कहा…

kya bat hai..JORDAR DHAMAKA...CARTOON ME LADKE NE JO AANKH MARI HAI..KABILE TARIF HAI...

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

नितांत मानवीय सोच.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बेड़ा गर्क!
न्यायाधीश जी!
पशु-पक्षियों और पकृति से
ही सबक ग्रहण कर लो।

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

सही बनाया है

Udan Tashtari ने कहा…

धन्य हुए!!

Nirmla Kapila ने कहा…

om aryaji se sahmat hoon shukrya

डॉ .अनुराग ने कहा…

बेडा गर्क हो तेरा......घर में बाप भाई नहीं है...

काशिफ़ आरिफ़/Kashif Arif ने कहा…

अब कहने के लिये कुछ नही बचा.......अब तो रास्ते मे अपनी इज़्ज़त बचानी पडेगी!

ktheLeo ने कहा…

छाये रहिये, सारे रेखा चित्र सुन्दर है.
’सच में’ पर अपना प्रेम बनाये रहें.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

बुलन्द भारत की बुलन्द तस्वीर......हमारा भारत..:)

Babli ने कहा…

वाह वाह क्या बात है! उम्दा कार्टून बनाया है आपने!

Murari Pareek ने कहा…

हा हा हा कपडों से तो यही लगता है !!ये वही बात हो गई !! एक बुजुर्ग बोला एक आदमी से : कमाल की लडकियां है कपडे ऐसे हैं की पता ही नहीं चलता लड़की है या लड़का !! आदमी बोला: वो मेरी बेटी है !! बुजुर्ग बोला: अच्छा आप उसके बाप हैं!! वो बोला: नहीं मैं उसकी माँ हूँ !!

'अदा' ने कहा…

इस कानून का श्रीगणेश न्यायधीश महाराज अपनी शादी किसी पुरुष से कर के करते तो सार्थकता और बढती....
साढ़े सत्यानाश !!!

VaRtIkA ने कहा…

hahah.... gud hai... aapke cartoon ke saath saath yahan ki tippniyon kaa bhi apnaa luft hai... :)

neera ने कहा…

supurb!!