गुरुवार, 2 सितंबर 2010


परेशां माखन चोर.....

11 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

गज़ब का व्यंग्य है।

कृष्ण प्रेम मयी राधा
राधा प्रेममयो हरी


♫ फ़लक पे झूम रही साँवली घटायें हैं
रंग मेरे गोविन्द का चुरा लाई हैं
रश्मियाँ श्याम के कुण्डल से जब निकलती हैं
गोया आकाश मे बिजलियाँ चमकती हैं

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

:)

Dimps ने कहा…

Hello :)

Wonderful !!
Nice concept and what a great relation with the current issue of inflation :)

Good work!

Regards,
Dimple

AlbelaKhatri.com ने कहा…

ये हुई न बात !

ज़बरदस्त........

rajendra yadav ने कहा…

nice

शरद कोकास ने कहा…

आधुनिक कान्हा ?

Halke-Fulke ने कहा…

bahut khoob....

Halke-Fulke ने कहा…

naye cartoon dalo n bhai......utsukta badti ja rahi hai.......

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत बढ़िया कार्टून!
--
आपकी पोस्ट की चर्चा 20 अक्टूबर, 2010 के चरेचा मंच पर होगी!
http://charchamanch.blogspot.com/

सुमित प्रताप सिंह ने कहा…

हा हा हा क्या व्यंग्य मारा है...

मितान ने कहा…

छत्‍तीसगढ़ ब्‍लॉगर्स चौपाल में आपका स्‍वागत है.