सोमवार, 8 जून 2009

क्या खाएं...............


3 टिप्‍पणियां:

RAJNISH PARIHAR ने कहा…

पहले जहाँ खाने के नाम मात्र से उल्लास छा जाता था..वहीँ अब उदासी छा जाती है...!महिलाएं तो परेशान रहती है क्या बनाऊ???...

Babli ने कहा…

बिल्कुल सही फ़रमाया रजनीश जी ने! अभी देखा जाए तो खाने की उत्सुकता से ज़्यादा उदासी छाई रहती है!

Science Bloggers Association ने कहा…

जो मिल जाए।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }